कुछ तो छिपा रहा है चीन

कोरोना का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है, पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। लेकिन चीन की हरकतों से ऐसा लगता है की कुछ तो छुपा रहा है चीन

कभी अपने यहां कोरोना से हुई मौतों को वास्तविकता से कम बताता है, कभी 50 परसेंट तक वृद्धि दिखाकर बताता है। चीन में इस बीमारी के खिलाफ जो भी कोई सूचना देना या लेना चाहता है उसके खिलाफ चीन कठोरतम कार्यवाही कर रहा है। 

चीन कहीं ना कहीं कुछ ऐसा कर रहा है जो विश्व के लिए ठीक नहीं है। कुछ तो छिपा रहा है चीन, चीन में जो भी कोरोना महामारी के बारे में बोलता है तो चीनी प्रशासन ना केवल उन लोगों को आतंकित कर रहा है बल्कि उन्हें देश का दुश्मन तक करार दिया जा रहा है

चीनी प्रशासन मानव अधिकार का उल्लंघन कर रहा है, और तो और Corona मुक्त बताने वाले हेल्थ ऐप को लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 

मानव अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि चीन यह सब सिर्फ इसलिए कर रहा है ताकि देश के 140 करोड़ लोगों को कोरोना के प्रकोप पर चर्चा करने से रोका जा सके। ब्रिटेन के ‘द डेली मेल’ अखबार द्वारा की गई पड़ताल से इसकी पुष्टि होती है।

अखबार का कहना है कि कोरोना की जानकारी साझा करने को लेकर अब तक 51 सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में सबसे पहली गाज 30 दिसंबर को वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल में काम करने वाले डॉक्टर वेनलियांग और 7 अन्य डॉक्टरों पर पड़ी।

डॉ वेन लियोंग ने ही सबसे पहले सोर्स जैसी बीमारी के फैलने का अंदेशा जताया था। यह जानकारी आम करने के लिए डॉक्टर बेनलियोंग को ना केवल कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना का सामना करना पड़ा। बल्कि पुलिस के सामने उन्हें सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए माफी भी मांगनी पड़ी थी।

कुछ तो छिपा रहा है चीन

काम पर लौटने के एक महीने बाद 7 फरवरी को डॉक्टर वेनलियांग की मौत हो गई। डॉक्टर की मौत पर चीन के लोगों ने जमकर आक्रोश जताया और हैशटैग वीवांटफ्रीडमऑफस्पीच को कुछ घंटे के अंदर ही लाखों लोगों का समर्थन मिला। 

‘इस तरह के आक्रोश से कुछ समय के लिए सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट नेता चिंतित जरूर हुए लेकिन सोशल मीडिया पर लगाम कसकर उन्होंने इस आक्रोश को नियंत्रित कर लिया’

डॉ वेनलियांग की मौत से 1 दिन पहले वहां के अस्पतालों में Corona मरीजों की दुर्दशा पर एक वीडियो साझा करने वाले वकील चेन क्युशी भी लापता है। चीनी सरकार ने उनके परिवार को सिर्फ यह जानकारी दी है कि उन्हें अज्ञात स्थान पर क्वॉरटाइन में रखा गया है। 

चेन क्युशी को जैसे ही यह एहसास हुआ कि पुलिस उन्हें पकड़ सकती है तो उसने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो को यूट्यूब पर 4 लाख से ज्यादा बार देखा गया था। 

इसमें उन्होंने कहा था जब तक मैं जीवित हूं, मैं उन सभी चीजों के बारे में बोलूंगा जो मैं देख और सुन रहा हूं। मुझे मरने से डर नहीं लगता मुझे आखिर कम्युनिस्ट पार्टी से क्यों डरना चाहिए। इस वीडियो के बाद  चेन क्युशी का कुछ पता नहीं चला। 

एक और मामला सरकारी टीवी के एक रिपोर्टर ली जेहुआ से जुड़ा है। वुहान में Corona से बड़ी संख्या में मौत होने की जानकारी देने के बाद सादे कपड़ों में पुलिस उनके फ्लैट पर पहुंची और उन्हें पकड़कर ले गई।

इस रिपोर्टर के साथ क्या हुआ? वह किस हाल में है? अभी जीवित है या मार डाल दिया गया या चीनी प्रशासन द्वारा उसे जेल में डालकर यातना दी जा रही है। इस बारे में कुछ भी अब तक किसी को पता नहीं चला है।

खास बात यह है कि चीन सरकार इन तीनों ही मामलों में चुप है। यहां तक कि अमेरिका में चीन के राजदूत कुई तियानकाई से जब इन मामलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ना तब मैंने इनके बारे में सुना था और ना अब मैं जानता हूं।

हांगकांग स्थित चाइनीस ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स की डिप्टी डायरेक्टर फ्रांसिस इव का कहना है कि जो कोई भी लापता हुआ है उसे बहुत यात्राएं दी जा रही होगी। संभावना है कि उन्हें अपना अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया जाए।

चीन की इन सभी हरकतों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ चीन छिपा जरूर रहा है कोरोना की सच्चाई के बारे में।

ऐसा भी हो सकता है चीन ने यह वायरस जानबूझकर फैलाया हो। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि पहला तर्क तो यह है की चीन संसार के सभी देशों की अर्थव्यवस्था चौपट करके अपने आप को एकमात्र महाशक्ति के रूप में पहचान दिलाना चाहता हो। 

दूसरा तर्क यह है कि जब सब देश इस वायरस के वैक्सीन बनाने में असमर्थ हो जाए तो पहले से ही बनी बनाई वैक्सीन संसार को बेचने की पेशकश करें और दूसरे देशों की मजबूरी बन जाए चीन से यह वैक्सीन खरीदने की।

यह लेखक के व्यक्तिगत विचार है।

धन्यवाद

Written by – Hariom Poswal

2 thoughts on “कुछ तो छिपा रहा है चीन

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