कोरोना और भारत

कोरोना की उत्पत्ति

कोरोना के दुष्प्रभाव और बचाव

Corona causes effect and its prevention

कोरोना” एक ऐसा नाम है, जिसको सुनते ही मन कुछ देर के लिए शांत हो जाता है। कुछ सोचने के लिए मजबूर हो जाता है।

यह वो नाम है, जिसने अमेरिका, चीन, इटली, स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन आदि सुपर पावर देशों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है।

कोरोना और भारत

जिस कारण भारत जैसे विकासशील देश के मन में घबराहट और भी ज्यादा बढ़ जाती है। भारत ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस महामारी से निपटने के लिए जान की बाजी लगा दी है।

कोरोना की उत्पत्ति:-

कोरोना वायरस एक महामारी का रूप ले चुका है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ संक्रमण, आज पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है।

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यह महामारी इस तरह से अपने पैर पूरी दुनिया में फंसा रही है, जैसे वनो की आग धीरे धीरे प्रलयकारी हो जाती है। कोरोना की आग भी धीरे-धीरे ऐसी ही होती जा रही है।

कोरोना से लगभग 2 लाख से ज्यादा लोग मौत के आगोश में समा चुके हैं एवं लगभग 20 लाख लोग इस भयंकर बीमारी से संक्रमित है।

ऐसा प्रतीत होता है कि अगर जल्दी से इस बीमारी का इलाज नहीं मिला तो  दुनिया में मानव जाति के अस्तित्व पर संकट पैदा हो जाएगा।

कोरोना की उत्पत्ति पर परस्पर मतभेद है। लेकिन एक बात पर सभी एकमत दिखाई देते हैं कि कोरोना की उत्पत्ती चीन देश से शुरू हुई है इसी वजह से चीन बड़े देशों की आंखों में चुभ रहा है।

कुछ रिपोर्ट पर ध्यान दिया जाए तो कोरोना चीन की प्रयोगशाला से फैला है। जो कि चीन के वुहान शहर में स्थित है। चीन की प्रयोगशाला इंस्टिट्यूट ऑफ  वायरोलॉजी नेशनल बायोसेफ्टी लैब, जो इबोला आदि अन्य बीमारियों पर रिसर्च करती है।

सभी ओर से चीन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लेकिन चीन ने चुप्पी साध ली है। चीनी सरकार ने इसको पूर्णता प्राकृतिक वायरस बताया है। चीन के अनुसार चीन में कोरोना वायरस का पहला मामला 31 दिसंबर को सामने आया था।

जिनमें कुछ लोगों में निमोनिया के लक्षण थे। यह लोग मांस के कारोबार से जुड़े थे।

कुछ विशेष Reports के अनुसार चीन में बड़ी मात्रा में चमगादड़, सर्प, मेंढक, कुत्ता, बिल्ली, चूहे आदि खाने का चलन है। बहुत से लोग इस वायरस की उत्पत्ती चमगादड़ से मानते हैं।

चीन पर इस बीमारी को छुपाने को लेकर लगातार उंगलियां उठ रही है। अमेरिका, ब्रिटेन आदि बड़े देश चीन पर अत्यधिक गुस्से में है।

ज्यादातर रिपोर्ट्स के अध्ययन से यह तो स्पष्ट है की कोरोना वायरस चीन की लापरवाही की देन है। जिसके परिणाम पूरा विश्व भुगत रहा है। अगर जल्दी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो परिणाम भयंकर होगे।

कोरोना और भारत 'चीन के मांस बाजार'

बहुत से देश चीन के मांस बाजार को ही इसकी उत्पत्ति का कारण मानते हैं। इस बाजार को  बंद करने की मांग जोरों पर है। चीन भले ही अपने आप को दोषी ना मानता हो, पूरी दुनिया उसको दोषी मान चुकी है।

कोरोना का भारत में प्रवेश:-

भारत में Corona virus का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में आया था। जब चीन में स्टडी कर रहे एक छात्र में स्वदेश लौटने पर इसकी पुष्टि हुई।

पहला मामला आते ही भारत एवं केरल सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई। विदेशी उड़ानों एवं एयरपोर्ट पर सख्ती कर दी गई। लोगों की पूरी तरह जांच होने लगी।

लेकिन इस बीच ईरान, अमेरिका, इटली, चीन, ब्रिटेन में यह वायरस भयंकर रूप ले चुका था। भारत सरकार पूर्ण तरह से मुस्तैद थीं। लेकिन कुछ लोगों की बेवकूफी ने इसको भारत में पैर पसारने का मौका दे दिया।

सुनने में आया कि कुछ लोग एयरपोर्ट पर पेरासिटामोल खाकर जांच में बीमारी को छुपा रहे थे। लक्षण 10 से 15 दिनों में आने के कारण भी कुछ असुविधा हुई।

कुछ लोगों की लापरवाही के कारण मार्च के शुरुआत में भारत में भी Corona के मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी।

लेकिन भारत सरकार के गंभीर प्रयासों के कारण स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में थी एवं कुछ चुनिंदा जगहों तक सीमित थी। लेकिन इसी बीच एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे देश को कोरोना की चपेट में लाकर खड़ा कर दिया।

बीमारी की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने 24 मार्च को पूरे देश में 21 दिन के लिए lockdown की घोषणा कर दी गई जिसे बाद में 3 मई तक बढ़ा दिया गया

सरकार प्रशासन ने पूरा जोर लगाकर ज्यादातर संक्रमित लोगों को पकड़कर क्वॉरेंटाइन करने में कुछ हद तक सफलता पाई।

परंतु कुछ लोगों द्वारा पूरे देश में विचरण के कारण यह महामारी भारत में अप्रैल शुरुआत में बहुत तेजी से फैलने लगी। सिवान, बिहार में एक ओमान से आए व्यक्ति की लापरवाही के कारण पूरे परिवार में 23 लोग संक्रमित हो गए

12 अप्रैल आते-आते भारत में मामले 8000 से ज्यादा हो गए एवं 200 से ज्यादा मौत हो गई 700 से ज्यादा लोग ठीक हो गए।

कोरोना और भारत सरकार के प्रयास:-

भारत सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 30 जनवरी से ही कोरोना को हराने के लिए पूरी तरह तैयार हो गए थे। न्यूज़, संबोधन, सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार जागरूकता फैलाई जा रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 मार्च को पूरे देश में 21 दिन का lockdown कर दिया गया था। रेलवे कोच को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया जा रहा था। जहां भी संक्रमित मिलता उसे पूरे क्षेत्र को सील किया जा रहा था।

देश एवं राज्य सरकारें कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना को हराने के लिए संकलित थी। कुछ लापरवाही को छोड़कर लोग भी सहयोग कर रहे थे। सरकार की ओर से जरूरतमंदों को खाना व अन्य जरूर सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी।

धार्मिक, समाजिक अगर कुछ लापरवाही ना हुई होती तो स्थिति और भी संतोषजनक हो सकती थी।

लेकिन सरकार व भारत की जनता ने Corona को हराने के लिए कमर कस ली थी।

कोरोना और भारत की अर्थव्यवस्था:-

जिस तरह से Corona ने पूरी दुनिया को जकड़ लिया है ऐसा लगता है कि मानो जिंदगियां ठहर गई हो। दुनिया की अर्थव्यवस्था का धड़ाम होना तय है तमाम प्रयासों के बावजूद भारत भी उस से बच नहीं सकता है।

जिन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, उनमें टूरिज्म, होटल, टैक्सी, यातायात, रेस्टोरेंट मुख्य है। जब लोग घर के बाहर नहीं जाएंगे तो यह सेक्टर आने वाले समय में सबसे कठिन दौर का अनुभव करेंगे।

Corona की वजह से आई मंदी 2008 की वैश्विक मंदी से कहीं ज्यादा भयंकर हो सकती है। इसके अलावा लघु उद्योग, विक्रेता, कलाकार, किसान कोई भी इससे बच नहीं पाएगा।

विदेशों से कच्चा माल ना आने की सूरत में उद्योग जगत की कमर टूट जाएगी। बहुत सारी कंपनियां मंदी के चलते दिवालिया होने की कगार पर पहुंच सकती है।

बहुत सारे लोगों की नौकरी खो जाने की वजह से income का नुकसान होगा। जिससे अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। हालांकि कोरोना कितना भयंकर होगा यह कहना तो निश्चित नहीं है।

लेकिन इतना जरूर है कि जल्दी ही इलाज नहीं मिला तो यह अर्थव्यवस्था के लिए सही नहीं  होगा।

आने वाले समय में कुछ बिंदु अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं-

  • सरकारी कर्मचारियों के वेतन में अगले 5 साल तक कोई बढ़ोतरी ना हो। इस बचे हुए पैसों से नई नौकरियां सृजित की जाए।
  • संविदा पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जाए। जिसेसे प्राइवेट कंपनियों से निष्कासित ज्यादातर कर्मचारियों को आय का साधन मिल सके।
  • छोटे उद्योगों को सरकारी मदद दी जाए और कुछ छूट दी जाए।
  • जिन क्षेत्रों में Corona का कम प्रभाव है, उनको खोला जाए परंतु मास्क एवं शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन किया जाए।
  • कम ब्याज पर लोन दिया जाए एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए।
  • कुछ ऐसे प्रयास किए जाए कि देश में जरूरी कच्चा माल आता रहे।
  • असंगठित क्षेत्र के मजदूरों एवं किसानों को आने वाले कुछ महीनों के लिए निश्चित धनराशि दी जाए।
  • एक अलग से टास्क फोर्स का गठन किया जाए जो समय-समय पर अर्थव्यवस्था को उबारने के सुझाव दें।
  • भूतपूर्व नेताओं, सांसदों, मंत्रियों आदि की पेंशन अगले 5 साल के लिए तत्काल प्रभाव से बंद हो। उक्त पैसा गरीब कल्याण व विकास कार्यों में लगे।
  • वर्तमान विधायकों, सांसदों, Class-1 और Class-2 लेवल के अधिकारियों के वेतन में कटौती हो।

Corona के बारे में भ्रांति:-

Corona के बारे में कुछ झूठी अफवाह से बचकर रहें जैसे

  • Corona मस्जिद व नमाज पढ़ने से नहीं फैलता
  • Corona हाथ मिलाने व थूकने से नहीं फैलता
  • Corona शराब पीने से ठीक हो जाता है
  • Corona योग करने से ठीक हो जाता है

Corona से बचाव:-

अभी तक Corono की कोई vaccine नहीं बनी है। जानकारी एवं सुरक्षा ही बचाव है। निम्नलिखित कुछ points का पालन करे-

  • शारीरिक दूरी का पालन करें, दूरी कम से कम 2 मीटर हो
  • बार बार साबुन से ठीक तरह से हाथ धोए
  • चेहरा, नाक, कान को न छूने की आदत डालें
  • खिड़की, गेट के हैंडल को साफ करें
  • घर में रहे घर से बाहर बिल्कुल ना निकले
  • अगर ज्यादा जरूरी हो तो मास्क पहनकर जाए एवं सरकार के निर्देशों का पालन करें

ऐसा करके हम खुद परिवार एवं देश को बचा सकते हैं।

हारेगा कोरोना, जीतेगा भारत

भारत माता की जय।

यह लेखक के व्यक्तिगत विचार है।

धन्यवाद

अंकुर भारद्वाज
Imlee.in


Written By – Ankur Bhardwaj

(Youngest motivator and social worker)

10 thoughts on “कोरोना और भारत

  1. Two points:
    1. As far as banning Meat industry is concerned, the same creatures enumerated above are consumed in Hong Kong, Korea and Singapore. But the virus didn’t originated from those countries. So, banning meat industry in China is not the solution, but to look into any potential incidents at Wuhan bio lab.
    2. Salary and allowances of Ex ministers and politicians shouldn’t be stopped. Rather, similar to remedy 1, it should not be revised for the next 5 years.

  2. ज्यादातर रिपोर्ट्स के अध्ययन से यह तो स्पष्ट है की कोरोना वायरस चीन की लापरवाही की देन है।

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