लॉकडाउन खोलने की सर्वश्रेष्ठ रणनीति क्या होगी?

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लॉकडाउन खोलने की सर्वश्रेष्ठ रणनीति क्या होगी?

what are the the disadvantage of lockdown in India?

कोविड़ 19 कोरोना एक ऐसा नाम जिसको सुनते ही मन में चिंतन मनन पैदा हो जाता है। कोरोना एक विषाणु जनित रोग है, जो पूरे विश्व में महामारी का रूप ले चुका है। कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने देश को लॉकडाउन किया हुआ है। अब बात यह आती है कि लॉकडाउन खोलने की सर्वश्रेष्ठ रणनीति क्या होगी? 

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ यह रोग आज पूरे विश्व में अपने पैर पसार चुका है। पूरी दुनिया में बहुत लोगों को यह मौत की नींद सुला चुका है। कोरोना संक्रमित रोगी के संपर्क में आने से फैलता है। 

अभी तक इसके इलाज के लिए कोई वैक्सीन तैयार नहीं हुई है, अभी के लिए जागरूकता और सुरक्षा ही इसका बचाव है। शारीरिक दूरी बनाए रखना, मास्क पहनना, बार बार हाथ साफ करना, हाथों से चेहरे को छूने की आदत को छोड़ना, आवश्यक कार्य के लिए ही बाहर निकलना आदि कुछ सलाह है, जिनको अपनाकर इससे बचा जा सकता है। 

लॉकडाउन खोलने की सर्वश्रेष्ठ रणनीति क्या होगी?

लॉकडाउन 

लॉकडाउन का अर्थ है तालाबंदी अर्थात लॉकडाउन एक आपातकालीन व्यवस्था है। जो किसी आपदा या महामारी के वक्त लागू की जाती है। जिस क्षेत्र में लॉक डाउन किया जाता है, उस क्षेत्र के लोगों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाती है। लॉकडाउन की स्थिति में केवल कुछ जरूरी वस्तुओं जैसे दवाई, सब्जी, राशन आदि के लिए शासन प्रशासन द्वारा छूट दी जा सकती है। 

लॉक डाउन जनता की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखकर किया जाता है। अगर आपको लॉकडाउन में किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधि या ग्राम प्रधान आदि से मदद ले सकते हैं। 

कोरोना की गंभीरता को देखते हुए भारत में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू किया गया था। जिसको बाद में 3 मई तक, फिर 17 मई 2020 तक कर दिया गया।

लॉकडाउन और प्रशासन

lockdown में प्रशासन, संक्रमण रोकने के काम को बड़ी सतर्कता, ईमानदारी से कर रहा है। इस कठिन समय में कोरोना से बचाव के लिए भारतीय प्रशासन के काम को देखते हुए, समस्त देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। 

प्रशासन के सफल प्रयासों से देश में महामारी कुछ चुनिंदा जगह तक ही सीमित रह गई है। तुरंत कार्यवाही ने इस संक्रामक रोग को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने से रोकने में अहम एवं निर्णायक भूमिका निभाई है। 

महामारी की रोकथाम के साथ-साथ प्रशासन का गरीब, मजदूरों आदि को राशन सामग्री, दवाई उपलब्ध कराना काबिले तारीफ है। 

देश में पूरी तरह अमन को कायम रखते हुए प्रशासन किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। दैनिक मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले या फुटपाथ पर रह रहे गरीबों को भोजन की व्यवस्था हो या बीमार बुजुर्गों की दवाई पहुंचाने की बात हो, हर एक जिम्मेदारी को बखूबी निभाकर प्रशासन ने जनता का दिल जीत लिया है।

लॉकडाउन खोलना जरूरी क्यों है?

देश को लॉक डाउन करना कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एक निर्णायक कदम है। परंतु लाकडाउन की वजह से बहुत सी विषम परिस्थिति खड़ी हो जाती है। जिससे लॉकडाउन अधिक दिनों के लिए लागू रखना टेढ़ी खीर हो जाता है। जैसे-

  • सभी कारखाने, कार्यालय, यातायात सेवा, दुकाने आदि बंद होने की स्थिति में देश की अर्थव्यवस्था धरातल पर पहुंच गई है। अगर जल्द ही निर्णायक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति भयावह हो सकती है।
  • रोजमर्रा के मजदूरों के सामने आजीविका चलाने की मुसीबत आ जाएगी। सरकार के प्रयास सराहनीय है। परंतु बहुत से गरीब लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन को और बढ़ाने पर मुसीबत बढ़ जाएगी।
  • बहुत सारी वस्तुएं जो समय से बिक नहीं पाएगी और दुकान बंद होने की स्थिति में खराब हो जाएगी, जिससे उन वस्तुओं से संबंधित लोगों का बहुत आर्थिक नुकसान होगा।
  • ज्यादा समय तक उद्योगों के बंद रहने पर बहुत से उद्योग ऑटोमेशन की ओर जाएंगे जिससे बेरोजगारी बढ़ जाएगी।
  • स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टिट्यूट, लाइब्रेरी आदि बंद होने के कारण छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। कुछ जगहों पर अभी पिछले सत्र की परीक्षा भी नहीं हो पाई है।

इसलिए सरकार को देश हित में बहुत सी बातों को ध्यान में रखते हुए ना चाहकर भी लॉकडाउन को आगे ज्यादा बढ़ाना मुश्किल हो जाएगा।

लॉकडाउन खोलने की रणनीति और सावधानियां

देशहित को ध्यान में रखते हुए, लॉकडाउन खोलना सरकार की मजबूरी है। लेकिन कुछ सलाह अपनाकर इस महामारी को फैलने से कुछ हद तक रोका जा सकता है-

  • मास्क पहनना अनिवार्य कर देना चाहिए, कोई भी साफ कपड़ा मुंह पर लपेट कर रखें। ऐसा ना करने वालों के खिलाफ दंड की व्यवस्था हो।
  • कारखानों, कार्यालयों को खोलने की स्थिति में, वहां कर्मचारियों की शारीरिक दूरी सुनिश्चित की जाए एवं कामगारों की संख्या घटाकर शिफ्ट में काम लिया जाए।
  • दिहाड़ी मजदूर भी शारीरिक दूरी एवं मास्क का प्रयोग करें।
  • हॉटस्पॉट क्षेत्रों में किसी भी तरह की कोई रियायत न दी जाए, जब तक वह ग्रीन जोन ना हो जाए।
  • यातायात साधन अभी बंद ही रहे, ट्रक व जरूरी सप्लाई वाले वाहनों के लोगों की सख्त स्क्रीनिंग हो।
  • बाइक, साइकिल पर एक व्यक्ति एवं कार में दो व्यक्ति (आगे पीछे) ही बैठ सकें।
  • स्कूल, कॉलेज के स्टाफ को शिफ्टो में आने की अनुमति दी जाए और ऑनलाइन कार्य को बढ़ावा दिया जाए।
  • दुकानों को शिफ्टों में खोलना एक विकल्प हो सकता है। जैसे राशन, सब्जी, फल की दुकान का अलग समय हो, कॉस्मेटिक, कपड़ों की दुकान का अलग समय हो, मोबाइल की दुकान का अलग समय हो।
  • एक ही वस्तु की पास पास वाली दुकान भी शिप्टों में या 2 दिन के अंतराल में खुल सकती है।

निष्कर्ष 

अंत में सभी से यही निवेदन है कि हम सबको शक्ति से नियम पालन करने चाहिए। खुद को, परिवार को, समस्त जनों को इस महामारी से बचाना है। जब तक कोई वैक्सीन ना आ जाए, कोशिश करें कि घर पर रहकर ही कार्य करें। सरकार के निर्देशों का पालन करें। इन का ध्यान रखें-

  • मास्क का उपयोग करें
  • एक दूसरे से शारीरिक दूरी बनाए रखें
  • साबुन से बार-बार हाथ धोए
  • हाथ ना मिलाएं
  • हाथ से मुंह को ना छूने की आदत डालें

“घर में रहे और घर में रहे

बस यह संकल्प निभाना है

ज़िद्द छोड़े और एकजुट रहे

हमें कोरोना को हराना है”

_

कोरोना हारेगा , भारत जीतेगा

यह लेखक के व्यक्तिगत विचार है।

धन्यवाद

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Ankur Bhardwaj

अंकुर भारद्वाज की कलम से

ग्राम व पोस्ट नांगल

जिला बिजनौर

8433 036 775

28 thoughts on “लॉकडाउन खोलने की सर्वश्रेष्ठ रणनीति क्या होगी?

  1. कहना आसान है घर में रहे, लेकिन कब तक, कैसे, कहना आसान है, करना मुश्किल।

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