लॉकडाउन ने साफ कर दी हवा प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर, Positive impact of lockdown in India

लॉकडाउन ने साफ कर दी हवा प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर
लॉकडाउन ने साफ कर दी हवा प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर

लॉकडाउन ने साफ कर दी हवा प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर। Corona virus के कारण देश में लगाए गए लॉकडाउन का एक फायदा तो Corona संक्रमण से बचाव का है, दूसरा फायदा इससे पर्यावरण को भी हो रहा है। 

पर्यावरण को साफ करने का जो काम बड़े-बड़े प्रोजेक्टों पर अत्यधिक पैसा खर्च करके भी ना हो सका। वह काम कोरोनावायरस से बचाव के लिए देश में लगे lockdown ने आसानी से कर दिया। पर्यावरण इस समय प्रदूषण रहित है। नदिया साफ हो गई है आसमान में बने प्रदूषण के बादल नहीं दिखाई दे रहे। 

कोरोना वायरस की वजह से लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए देश में लगाए गए लॉकडाउन से भले ही आज देश की अर्थव्यवस्था बदहाल हो, लोग दहशत में हो। 

लेकिन lockdown की वजह से पूरा देश प्रदूषण मुक्त हो रहा है जिसे हम सब ने प्रकृति का अत्यधिक दोहन करके प्रदूषित कर दिया था। सभी प्रकार के प्रदूषण अपने उच्च स्तर पर थे आज अपने निचले स्तर पर है। नदियां साफ हो गई है। नदियों में हमारे द्वारा डाली जा रहे गंदकी की वजह से जो नदियां नाले जैसी नजर आती थी, आज उनका पानी साफ और पीने योग्य हो गया है। 

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लॉकडाउन ने साफ कर दी हवा प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर

जालंधर से हिमालय दिखाई दे रहा है। हरिद्वार सहित देश के कई शहरों में गंगा का पानी स्वच्छ और पीने लायक हो गया है। दिल्ली में गंदे नाले जैसी नजर आने वाली यमुना नदी में आप साफ पानी देख सकते हो। कहने का तात्पर्य ये है कि लॉकडाउन से पूरा देश साफ हवा में सांस ले रहा है। इसकी पुष्टि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सैटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरों को जारी करके भी की है।

पर्यावरण पर  lockdown का असर

नासा की अर्थ ऑब्जरवेटरी ने सन् 2016 से लेकर 2020 तक की अलग अलग सालों की तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में बताया गया है किस प्रकार प्रदूषण का स्तर देश में कम हो गया है। देश में लगे लॉकडाउन के चलते अनावश्यक कामों के लिए वाहनों की आवाजाही बंद है। ज्यादातर उद्योग, कारखाने, रेल, हवाई जहाज आदि बंद हैं। लोग अति आवश्यक कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे है।

लॉकडाउन से जहां एक ओर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल रही है। वही पर्यावरण के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है। प्रदूषण से राहत के लिए सरकार जो काम अत्यधिक पैसा खर्च करके भी ना कर सकी, वह काम लॉकडाउन से हो गया है। 

पर्यावरण पर  lockdown का असर आश्चर्यचकित कर देने वाला है।  देश में एयरोसोल की मात्रा बेहद कम हो गई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की अर्थ ऑब्जरवेटरी टीम ने इस पर रिसर्च किया है।

अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा जारी की गई ये तस्वीरें मॉडरेट रिजोल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडियोमीटर (MODIS) टेरा सैटेलाइट से ली गई हैं। लॉकडाउन के चलते प्रदूषण का स्तर तेजी से नीचे आया है। नासा ने भी MODIS सैटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरें जारी करके इस बात पर मोहर लगा दी है की इस समय भारत में प्रदूषण जैसी कोई समस्या अभी तो नहीं है।

नासा ने इस बात को माना है और कहा है कि भारत में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। अभी भी भारत में लॉकडाउन जारी है और प्रदूषण का स्तर और सुधरने की संभावना है। इस समय भारत में रहने वाले 130 करोड़ लोगों में से अधिकतर लोग अपने घरों में हैं। 

गंगा और यमुना नदी के बीच बसे देश के लोगों को प्रदूषण से सबसे ज्यादा राहत मिली है क्योंकि उद्योग, कारखानों, फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और गंदे पानी की वजह से यह क्षेत्र काफी प्रदूषित हो गया था। 

लॉकडाउन ने साफ कर दी हवा प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर, गंगा नदी के किनारे बसा हुआ देश का हिस्सा प्रदूषण से पूरी तरह स्वच्छ हो गया है। गंगा किनारे बसे हुए गांवों और शहरों के ऊपर कई साल से जो धुंधला आसमान दिखता था, जो एयरोसोल के घने बादल दिखते थे, आज वो लॉकडाउन की वजह से साफ हो गए हैं। 

देश में लॉकडाउन के चलते उद्योग धंधे, फैक्ट्री, कार, बस, ट्रक, ट्रेन व विमानों की उड़ानें बंद है। जिनसे होने वाले प्रदूषण रुक गए हैं। 

अब सवाल यह उठता है की क्या हम पर्यावरण को फिर से प्रदूषित होने से रोक पाएंगे, पर्यावरण स्वच्छ बना रहे इसके लिए अच्छे कदम उठाएंगे या फिर से पहली वाली प्रदूषित स्थिति में ही रहना पसंद करेंगे।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक उत्तर भारत में हवा में प्रदूषण का स्तर सबसे निचले स्तर पर है। नासा ने कहा है कि सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि कोरोना वायरस के लिए जारी लॉकडाउन के शुरू होने के बाद से उत्तर भारत में हवा में मौजूद प्रदूषण के कणों का स्तर काफी नीचे गिर गया है। 

नासा में मोडिस एयरोसोल प्रोडक्टस के प्रोग्राम लीडर रॉबर्ट लेवी ने कहा कि भारत में साफ हवा के लिए इससे बेहतरीन तरीका नहीं हो सकता है। सिर्फ हवा ही नहीं, जमीन, पानी सब साफ हो गया है। भारत को ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे इतना साफ मौसम बना रहे।

धन्यवाद

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