वुहान की लैब में बना कोरोनावायरस

वुहान की लैब में बना कोरोनावायरस, फ्रांस के नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक लूक मांटेग्नर ने इस दावे का समर्थन किया है कि कोविड19 महामारी फैलाने वाले नोबल कोरोनो वायरस की उत्पत्ति एक प्रयोगशाला में की गई है और यह मानव निर्मित है। 

उन्होंने यह भी कहा कि एड्स बीमारी को फैलाने वाली एचआईवी वायरस की वैक्सीन बनाने की कोशिश में यह बेहद संक्रामक और घातक वायरस तैयार किया गया है।

वुहान की लैब में बना कोरोनावायरस
वुहान की लैब में बना कोरोनावायरस

पूरी दुनिया को अपनी आगोश में ले लेने वाले Coronavirus का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों की जान इस virus की वजह से जा चुकी है। 

अब सवाल यह उठता है कि इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी होने के बावजूद यह वायरस इतना खतरनाक कैसे हो गया कि बड़े से बड़े महाशक्तिशाली देशों ने coronavirus के सामने घुटने टेक दिए। सवाल यह उठता है कि इस वायरस का निर्माण किया गया है यह बात सत्य है कि वुहान की लैब में बना कोरोनावायरस या यह वायरस नेचुरल उत्पन्न हुआ है।

इन सभी सवालों के बीच इस वायरस को फैलाने में चीन को जिम्मेदार माना जा रहा है। अधिकतर देश इस बात पर सहमत है की चीन ने जानबूझकर इस वायरस को दुनिया में फैलने दिया। उन्होंने सही समय पर लोगों को सूचित नहीं किया और वुहान शहर जहां से कोरोना वायरस शुरु हुआ है, वहां से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग आते जाते रहे और एक दूसरे को संक्रमित करते चले गए। 

वैसे तो चीन कह रहा है कि यह वायरस नेचुरल है। लेकिन बहुत से एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोनावायरस का जन्म चीन की वुहान स्थित लैब में हुआ है। 

कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि अपने व्यावसायिक हित साधने के उद्देश्य से चीन ने इस वायरस का निर्माण कराया है। इस वायरस से चीन के वुहान शहर में हुई मौतों के सही आंकड़े भी चीन ने उपलब्ध नहीं कराए।

चीन के अलावा अमेरिका, स्पेन, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन में कोरोनावायरस के कहर से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है। अपने देश भारत में भी इसका कहर जारी है। संपूर्ण देश में लॉकडाउन लगाया हुआ है। 

कोरोनावायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से कामकाज ठप हो गए हैं। जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था डाउन हो गई है और काफी लोगों के सामने जरूरी वस्तुओं के लिए भी पैसा नहीं रह गया है।

बहुत से एक्सपर्ट्स के साथ साथ वैज्ञानिकों का एक पैनल भी चीन को इसका जिम्मेदार मानता है। फ्रांस की वैज्ञानिक लूक मांटेग्नर भी उनमें से एक है उनका मानना है कि चीन के शहर वुहान स्थित लैब में ही इस वायरस का जन्म हुआ है।

फ्रांस के सी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में एचआईवी वायरस के खोजकर्ता फ्रांसीसी वैज्ञानिक लूक मांटेग्नर ने बताया कि एड्स बीमारी को फैलाने वाले एचआईवी वायरस की वैक्सीन बनाने की कोशिश में यह बेहद संक्रामक और घातक वायरस तैयार किया गया है। इसलिए नोबेल कोरोना वायरस के जिनोम में एचआईवी के तत्व और यहां तक की मलेरिया के भी कुछ तत्व होने की आशंका है। 

प्रोफेसर लूक मांटेग्नर को मेडिसन में एड्स के वायरस की पहचान करने के लिए वर्ष 2008 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी शोध के लिए उनके सहयोगी प्रोफेसर फ्रैन एग्वोज बैग-सिनोसी को भी नोबेल से सम्मानित किया गया था।

कोविड19 वायरस का जन्म वुहान की लैब में हुआ है। यह चर्चा पिछले कई हफ्तों से विश्व भर में चल रही है। 

पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा था कि नोबेल Corona वायरस चीन के वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की लैब में बनाया गया है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो सीधे-सीधे इस वायरस को चीनी वायरस का नाम ही दे दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप इस वायरस के फैलने का जिम्मेदार चीन को मानते हैं और ट्रंप का कहना है कि चीन ने यह सब जानबूझकर किया है। हम उसके खिलाफ एक जांच दल भेज रहे हैं और अगर रिपोर्ट में हमारे द्वारा कही गई बात सच साबित होती है तो चीन को इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

एशिया टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार चीन के शहर वुहान की प्रयोगशालाओं को वर्ष 2000 से कोरोना वायरस में विशेज्ञता हासिल है।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोनावायरस इंसानों में चमगादड़ के जरिए आया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेशेंट जीरो यानी पहला संक्रमित मरीज इसी लैब का एक कर्मचारी था। जो गलती से संक्रमित हो गया था।

धन्यवाद

By – Hariom Poswal

12 thoughts on “वुहान की लैब में बना कोरोनावायरस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *