लाई-फाई (Li-Fi): वाई-फाई (Wi-Fi) से 100 गुना Fast Speed

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लाई-फाई (Li-Fi): वाई-फाई (Wi-Fi) से 100 गुना Fast Speed इंटरनेट की नई प्रौद्योगिकी लाई-फाई (Li-Fi) यानी लाइट फिडेलिटी वाई-फाई(Wi-Fi) की तुलना में 100 गुना अधिक स्पीड प्रदान कर सकती है।

जैसे कि हम सभी जानते हैं आज के समय में बिना इंटरनेट के जीवन बहुत मुश्किल है। इंटरनेट ने मनुष्य को बहुत सी सहूलियत प्रदान की है। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, ईमेल, यूट्यूब आदि बहुत से पॉपुलर platform हम इंटरनेट की वजह से ही run कर पाते हैं। आजकल तो ऑनलाइन मूवी टीवी प्रोग्राम स्पोर्ट्स आदि भी खूब प्रचलन में है। यह सभी इंटरनेट connectivity की वजह से ही संभव है। वाईफाई की कनेक्टिविटी स्पीड थोड़ी कम रह जाती है इसीलिए लाईफाई की नई प्रौद्योगिकी इंटरनेट कनेक्टिविटी में धमाल मचा देगी।

वैज्ञानिक प्रयोगों के दौरान प्रयोगशाला में 224 प्रति जीवी सेकंड की गति प्राप्त कर चुके हैं। इसका मतलब है आपकी पलक झपकते ही 20 मूवी का डाउनलोड होना।

लाईफाई की जरूरत क्यों है?

आज के समय में इंटरनेट का बहुत ज्यादा उपयोग हो रहा है। सभी पलक झपकते ही परिणाम चाहते हैं, high speed डाटा की इच्छा वाईफाई की सीमित क्षमता के कारण पूरी नहीं हो पा रही है। रेडियो तरंगों के द्वारा डाटा transmit कर वाईफाई प्राप्त की जाती है परंतु यह एक सीमा तक ही डाटा transmit कर सकती है। वैसे वाईफाई की क्षमता एकमात्र समस्या नहीं है। वाईफाई के साथ-साथ और भी बहुत से फैक्टर हैं, जिनमें भी सुधार की आवश्यकता है। Internet service provider भी उनमें से ही है। वाईफाई मैं सिक्योरिटी क्वालिटी भी उस स्तर की नहीं है, जिस स्तर की आज के समय के हिसाब से जरूरत है।

लाई-फाई (Li-Fi): वाई-फाई (Wi-Fi) से 100 गुना Fast Speed

रेडियो तरंगों की तरह दृश्य प्रकाश भी प्रकाश चुंबकीय स्पेक्ट्रम (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक) है। रेडियो तरंग की तुलना में प्रकाश का स्पेक्ट्रम 10000 गुना अधिक है। इस बात से हम यह मतलब निकाल सकते हैं लाईफाई की क्षमता काफी अधिक है। एक धारा के माध्यम से डाटा ट्रांसमिट करने के बजाए दृश्य प्रकाश से उसी डाटा को ट्रांसमिट करने के लिए एक साथ हजारों डाटा धाराओं का इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इसका मतलब साफ है कि Li-Fi में डाटा transmit अधिक तेज होगा। 

बहुत सी खूबियों के साथ साथ इस प्रौद्योगिकी मैं कुछ खामियां भी है। इस प्रौद्योगिकी की सबसे बड़ी खामी फिलहाल यह है कि visible light पर निर्भर होने के कारण, यह दीवारों से नहीं गुजर सकती। वैज्ञानिक हास्र ने कहा है की जल्दी ही इसकी खामियों पर काम कर लिया जाएगा और इसे वाई-फाई की तरह ही उपयोग में लाया जा सकेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार इस टेक्नॉलॉजी की टेस्टिंग पर काम करा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में IT मंत्रालय ने LiFI (Light fidelity) को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्ट किया है। Lifi में 10gbps की स्पीड से डाटा ट्रांसमिट करने के लिए एलईडी बल्ब और लाइट स्पेक्ट्रम यूज किया जाता है। वाईफाई की रेंज सीमित होने के कारण इसका उपयोग आप घर या कार्यालय के लिए करते हैं। LiFi की range 1 किलोमीटर तक की है। इसका उपयोग बड़े संस्थानों में किया जा सकता है। 

चूंकि भारत में अभी सभी जगह ऑप्टिकल फाइबर केवल उपलब्ध नहीं हुआ है। काम चल रहा है लेकिन ऑप्टिकल फाइबर केबल सभी जगह उपलब्ध कराने में समय लगेगा। ऐसे में सरकार चाहेगी की लाईफाई के जरिए ऐसे क्षेत्रों में connectivity उपलब्ध कराई जा सके, जहां OFC के जरिए connectivity दे पाने में मुश्किल हो रही है।

Li-Fi को ‘इंटरनेट’ की स्पीड ना समझें

Li-Fi ko ‘इंटरनेट’ की स्पीड ना समझें, यह कनेक्टिविटी स्पीड है। कुछ लोग डिवाइस की कनेक्टिविटी स्पीड को इंटरनेट स्पीड समझने की भूल करते हैं। जैसे किसी Wi-Fi router की connectivity speed 100Mbps  है। जिसका मतलब, राउटर से आपका स्मार्टफोन या लैपटॉप 100Mbps स्पीड से कनेक्ट हो रहा है, जबकि इंटरनेट स्पीड वो है जो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर आपको देते हैं।

वैसे ही Li-Fi की फास्ट कनेक्टिविटी स्पीड को इंटरनेट स्पीड ना समझें। यह राउटर से आपके डिवाइस के बीच की कनेक्टिविटी की स्पीड है।

लाई-फाई कैसे काम करता है?

लाई-फाई (Li-Fi): वाई-फाई (Wi-Fi) से 100 गुना Fast Speed

डाटा को wireless transmit करने के लिए लाईफाई प्रौद्योगिकी में ‘प्रकाश उत्सर्जित डायोड’ (light emitting diode – LED) का उपयोग किया जाता है। इसका सर्वप्रथम प्रदर्शन वर्ष 2011 में टेडटॉक मैं जर्मन भौतिकविद हेराल्ड हास्र ने किया था।

  • Microchip युक्त एलईडी को एक सेकंड में कई हजार बार स्विच ऑन ऑफ करने से सूचनाएं संचारित होने लगती है यह बाइनरी कोड में डाटा संचारित करती है।
  • यदि इसे चालू किया जाता है तो यह 1 बिट संचारित करती है और यदि बंद किया जाता है तो 0 बिट संचारित करती है। फ्रीक्वेंसी बदलाव कॉफी तेज होता है, इसलिए इसे मानवीय आंखों से नहीं देखा जा सकता।
  • Receiving उपकरण का प्रकाश संवेदी रिसीवर सिग्नल पकड़ लेता है और इसे डाटा में बदल देता है।
  • यह प्रौद्योगिकी एक साथ डाटा की हजारों धाराओं को संचारित करने में सक्षम है।
  • लाईफाई में फ्लुरसेंट tubes और फिलामेंट बल्ब का प्रयोग नहीं किया जा सकता है क्योंकि लाईफाई में प्रकाश स्त्रोत को हजारों बार ऑन ऑफ करना पड़ता है। 

कार्यालय, बड़े संस्थानों और लोकल नेटवर्किंग में होगा फायदा

बड़ी-बड़ी कंपनियों संस्थानों और कार्यालयों के लिए यह तकनीक काफी काम की साबित हो सकती है। क्योंकि हम सब जानते हैं कि वाईफाई से कनेक्टिविटी सीमित होती है। जिस कारण वाईफाई के ज्यादा राउटर लगाने होते हैं। इस टेक्नोलॉजी से ज्यादा राउटर लगाने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।

सुरक्षा की दृष्टि से लाभदायक

सुरक्षा की दृष्टि से लाईफाई प्रौद्योगिकी इसलिए लाभदायक है क्योंकि इस प्रौद्योगिकी में वाईफाई की तरह सिग्नल दीवारों के पार नहीं जा सकते। किसी भी हैकर को वाईफाई हैक करने के लिए उसकी availability show होना जरूरी होता है। इसलिए li-fi की कनेक्टिविटी मजबूत और सिक्योर भी होगी। 

धन्यवाद

8 thoughts on “लाई-फाई (Li-Fi): वाई-फाई (Wi-Fi) से 100 गुना Fast Speed

  1. I had heard about Li-Fi technology and it’s benefits but never seen it go live. Li-Fi definitely has the power to provider internet to the entire city at a cheaper cost. It’s like having access to internet throughout the city, which is quite amazing. May be 4G n 3G business might suffer lot of losses that why they are not allowing it to go live throughout the city. May be in the future they might.

  2. connectivity speed 100Mbps है। जिसका मतलब, राउटर से आपका स्मार्टफोन या लैपटॉप 100Mbps स्पीड से कनेक्ट हो रहा है

  3. sir mujhe lagta hai pure desh mein Optical fibre cable lagne main Abhi 2 se 3 sal aur lag sakte hai

  4. Aaj ke samay mein fast net connectivity ki jarurat To hai lekin service bahut kharab hai mobile per 4G net bhi sahi se Nahin chal pata

    1. Connectivity or net speed mein Antar hota hai post ko dhyan se padho sir ne acche se samjhaya hai

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