रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) क्या है? रोग-प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?

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रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) क्या है?

रोग-प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हमे क्या करना चाहिए?

ऐसे ही सवालों से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी हैं। 

इस लेख को पढ़ कर आपको imunity power या प्रतिरोधक क्षमता से संबंधित सभी सवालो के जवाब मिल जाएंगे।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) क्या हैं? 

अंग, कोशिकाएं, टिशू और प्रोटीन इत्यादि से मिलकर प्रतिरक्षा प्रणाली बनती है।

प्रतिरक्षा प्रणाली मानव- शरीर को बिमारियों, संक्रमण, वायरस इत्यादि से लड़ने में सहायता करती है।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बिमारियों से लड़ने की शक्ति है, जो व्यक्ति को बीमारियों से बचाकर उसे सवस्थ रखने में सहायता करती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारी बहुत सी बीमारियों से बचाव करती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर किसी भी वायरस, संक्रमण का असर जल्दी होता है। प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर हमारा शरीर कमजोर होने लगता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता या immunity power का बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए बहुत महत्व है। डॉक्टर भी लोगों को प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने या फिर बढ़ाने की सलाह देते है। 

इन सभी बातों को लेकर हमारे मन में यह सवाल आता हैं कि रोग-प्रतिरोधक क्षमता इतनी जरुरी क्यों हैं और इसे कैसे बढ़ाया जा सकता हैं।

प्रतिरोधक क्षमता से जुड़े ऐसी ही सवालों का उत्तर देने की कोशिश हमने इस ब्लॉग में की है। हम आशा करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी से इम्यूनिटी पावर से जुड़े आपके सभी सवालों का उत्तर मिल जाएगा। 

रोग प्रतिरोधक क्षमता क्यों जरुरी हैं?

जैसा की हम सभी जानते हैं की स्वस्थ रहने के लिए हमारी प्रतिरोधक क्षमता का लेवल उच्च रहना बहुत जरूरी है। प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी पावर के कुछ फायदे निम्नलिखित है-

  • स्वस्थ रहना- रोग -प्रतिरोधक क्षमता का उच्च लेवल हमें स्वस्थ रहने में मदद करता है। 
  • जिस व्यक्ति की रोग -प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, वह अधिक स्वस्थ और सेहतमंद रहता  हैं। 
  • मानसिक रूप से मजबूत होना-  रोग-प्रतिरोधक क्षमता का प्रभाव हमारे शरीर के साथ साथ मस्तिष्क पर भी पड़ता हैं। प्रतिरोधक क्षमता में हमें मानसिक रूप से मजबूत रहने में मदद करती हैं।
  • शारीरिक मज़बूती बनी रहना- बेहतर रोग-प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को हष्ट पुष्ट रखने और मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं।

जहां कमज़ोर रोग -प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को उनके शरीर में कमज़ोरी महसूस होती रहती हैं, वहीं मज़बूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों  को इस तरह की कोई भी परेशानी नहीं होती हैं।

  • Next Generation को सेहतमंद रखना – रोग-प्रतिरोधक क्षमता का संबंध अनुवांशिक भी है। अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो हमारी नेक्स्ट जेनरेशन को भी इससे संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है तो हमारी नेक्स्ट जनरेशन की प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर रहने की संभावना रहती है।

इसलिए प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत बनाए रखना आवश्यक हैं, ताकि हमारे साथ साथ हमारी नेक्स्ट जनरेशन भी स्वस्थ और सेहतमंद रहे।

  • कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का प्रभाव आने वाली generation पर ही नहीं बल्कि परिवार के मौजूद सदस्यों की सेहत पर भी पड़ता हैं। 

इसलिए हम सभी को अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए ताकि हमारे परिवार के सदस्यों को किसी तरह की बीमारी ना हो। 

रोग -प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के लक्षण क्या हैं?

किसी भी व्यक्ति के लिए कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का होना शुभ संकेत नहीं होता हैं। कुछ लक्षणों को पहचान कर हम पता कर सकते हैं की संबंधित व्यक्ति की इम्यूनिटी पावर यह प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या मजबूत हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कुछ लक्षण निम्नलिखित हैं-

तनाव महसूस होना-  कमज़ोर रोग -प्रतिरोधक क्षमता का प्रमुख लक्षण तनाव महसूस होना है क्योंकि इसका असर व्यक्ति के शरीर के साथ -साथ उसके मानसिक सेहत पर भी पड़ता हैं। इस प्रकार यदि किसी व्यक्ति को अचानक से किसी भी काम में मन ना लगना, लोगों  से न मिलना इत्यादि जैसे लक्षण महसूस होते है तो उसे तुरंत डॉक्टर से मिलकर अपनी सेहत की जाँच करानी चाहिए ताकि तनाव का इलाज समय रहते हो सके।

क्यों होती हैं इम्युनिटी कमज़ोर?

प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी पावर कमजोर होने की बहुत से कारण है उन कारणों में से कुछ कारण इस प्रकार है-

  • शरीर में चर्बी का अनावश्यक रूप से जमा होना।
  • वज़न बहुत कम होना।
  • अनियमित दिनचर्या का होना।
  • फास्टफ़ूड जंकफूड आदि का ज्यादा सेवन।
  • शरीर को ठीक से पोशण ना मिलना।
  • पानी कम पीना ।
  • रोग जल्दी ठीक ना होना  
  • अधिक शर्दी लगना ।
  • पेट संबधित परेशानिया होना। 

रोग -प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाए?

कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता लोगों को बीमार बनाने के साथ -साथ उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। कुछ महत्वपूर्ण उपाय अपनाकर इम्युनिटी पावर या प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता हैं, और इसके जोखिमों से रक्षा की जा सकती हैं। 

यदि कोई व्यक्ति इन बातों को पालन करें तो वह रोग -प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा या सुधार सकता हैं –

  • पौस्टिक भोजन करना – हम सभी जानते हैं कि कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का मुख्य कारण अन्हेल्थी फ़ूड खाना हैं। इसलिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हमें पौस्टिक भोजन करना चाहिए, जो विटामिन, कैल्शियम, आयरन इत्यादि तत्त्व से भरपूर हो।
  • भरपूर नींद लेना – हेल्थ संबंधित समस्याएं भरपूर नींद ना लेने का नतीजा होती हैं। इनमे कमज़ोर  रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी शामिल हैं, जो अन्य गंभीर बिमारियों का कारण बन सकती हैं। इसलिए प्रतिरधक क्षमता बढ़ाने के लिए कम से कम (7 से 8 घंटे) नींद लेनी चाहिए।
  • नशीले पदार्थ का सेवन न करना– हम सभी जानते हैं कि नशीले पदार्थों का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इसके सेवन से हमारी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और तरह-तरह की बीमारियों का कब्जा हमारे शरीर पर हो जाता है। इसलिए हमें नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इन दवाओं का प्रयोग करें- 

श्री तुलसी की 4 से 5 बून्द गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह शाम सेवन करें इससे आपका इम्यून सिस्टम बढ़ेगा। वैसे भी श्री तुलसी 200 रोगों में काम करती हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये ज्यादा फायदेमंद साबित होगी।

Regain Powder: AHRP कंपनी का रिगैन पाउडर प्रोडक्ट प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम है। यह पूर्णता आर्युवेदिक है और ना ही इसका कोई साइड इफेक्ट है। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई इसका सेवन कर अपनी प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी पावर को बढ़ा सकता है

रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) क्या है? रोग-प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?

रीगेन चूर्ण एक सम्पूर्ण स्वास्थवर्धक योग है, जो सभी उम्र व स्त्री पुरुषो के लिए समान रूप से लाभदायक है। लम्बी बीमारी के बाद आयी कमजोरी, मानसिक तनाव, थकान, चिड़चिड़ापन के लिए अत्यंत प्रभावी योग है। 

Regain Powder मनुष्य की पाच्य प्रणाली को दुरुस्त कर रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। अवसाद व बढ़ती उम्र के प्रभावो को रोकता है तथा पोरुष शक्ति वर्धक होने के साथ-साथ सभी सेक्स समस्याओं का समाधान करता है।

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5 thoughts on “रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) क्या है? रोग-प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?

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